17 July Market Analysis: Nifty Ne Kaise Pakdi Ek-Tarfa Chaal? (Price Action ki Sacchai)
17 July Market Analysis: Nifty Ne Kaise Pakdi Ek-Tarfa Chaal?
आज की इस पोस्ट के अंदर हम “17 July Market Analysis: Nifty Ne Kaise Pakdi Ek-Tarfa Chaal? (Price Action ki Sacchai)” के बारे में चर्चा करेंगे। आज हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि मार्केट ने किस तरह अपनी चाल चली और कैसे उसने अपनी एक ही डायरेक्शन चुनी। हम यह भी देखेंगे कि कहाँ पर ट्रेडर्स के स्टॉप-लॉस (SL) हिट हुए और कहाँ मार्केट ने सबको ट्रैप (Trap) किया। नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से हम प्राइस एक्शन को बारीकी से समझने की कोशिश करेंगे और इसी के साथ मंडे का मार्केट एनालिसिस भी इसी पोस्ट में तैयार करेंगे।
अगर आप एक ट्रेडर हैं और आपको मार्केट से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी समझनी है या मार्केट का एनालिसिस करना है, तो आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं। क्योंकि इस वेबसाइट पर हम मार्केट से संबंधित सभी तरह की जानकारी अपडेट करते हैं, ताकि सभी स्टूडेंट्स को वह जानकारी फ्री में मिल सके जिसके लिए उन्हें दूसरी जगहों पर पैसे देने पड़ते हैं। यहाँ पर हम सभी तरह की ट्रेडिंग जानकारी पूरी तरह से फ्री में उपलब्ध कराते हैं।

ऊपर दिए गए 15 मिनट के चार्ट में हमने सपोर्ट, रेजिस्टेंस, हाई, क्लोजिंग और डिप (Dip) के माध्यम से लेवल्स को समझाया है। इस पोस्ट के अंदर हम आपको समझाएंगे कि ये सब कैसे काम करते हैं। आने वाली नेक्स्ट पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि सही जगह पर सपोर्ट, रेजिस्टेंस और डिप को कैसे मार्क किया जाता है। इस पोस्ट में हम आपको 17 जुलाई के मार्केट के बारे में पूरी जानकारी देंगे। अगर आप यह पूरी जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो इस पोस्ट के अंत तक हमारे साथ जुड़े रहें।
17 जुलाई: मार्केट की ओपनिंग
पिछले दिन की क्लोजिंग बॉटम-टू-बॉटम ऊपर आई, जिसका मतलब है कि यहाँ बायर्स का जोर है। इससे यह पता चलता है कि यहाँ बड़े बायर्स ने एंट्री बनाई है। 17 जुलाई को मार्केट की ओपनिंग उस क्लोजिंग के ऊपर हुई, जिससे यह संकेत मिला कि मार्केट डिप (Dip) लेकर ऊपर जा सकता है। उस समय यही साइकोलॉजी काम करती है। अगर हम मार्केट को ध्यान से देखें, तो 24,140 से लेकर 24,200 तक एक सेलिंग जोन बना हुआ था, जो यह साफ बता रहा था कि 16 जुलाई को मार्केट इस हाई के ऊपर नहीं जा पाया था, इसलिए यह एक सेलिंग एरिया बन गया था।
लेकिन जब मार्केट बुलिश होता है, तो वह ऊपर के रेजिस्टेंस को तोड़ देता है और नीचे के हर एक डिप को मजबूत बनाता हुआ ऊपर जाने की कोशिश करता है। 17 जुलाई को कुछ ऐसा ही हुआ, मार्केट ने किसी भी रेजिस्टेंस को अहमियत नहीं दी और उन सभी को तोड़ता हुआ बुलिश हो गया।
अगर हम रेजिस्टेंस की बात करें, तो 24,250 से लेकर 24,300 के आसपास एक मेजर रेजिस्टेंस था, जहाँ मार्केट ने रुककर उसकी इज्जत भी की, लेकिन मार्केट उसे भी तोड़कर ऊपर चला गया और नया हाई बनाकर क्लोजिंग दे दी।
क्या ऐसे ट्रेंडी मार्केट में भी बिगनर्स ने लॉस लिया होगा?
हाँ, ज्यादातर दोनों तरफ का डायरेक्शन रखने वाले ट्रेडर्स को ट्रेंडी मार्केट में भी लॉस होता है। इसका कारण यह है कि वे यह भूल जाते हैं कि मार्केट सुबह से बुलिश है। वे छोटे टाइम फ्रेम को देखकर रेजिस्टेंस पर सेलिंग की एंट्री बना लेते हैं और बड़े टारगेट के चक्कर में बैठ जाते हैं। इसके कारण उन्हें शुरुआत में छोटा-मोटा प्रॉफिट तो दिखता है, लेकिन टारगेट न आने के कारण उनका स्टॉप-लॉस (SL) हिट हो जाता है। वे यह भूल जाते हैं कि मार्केट बुलिश है और अगर नीचे आएगा भी, तो सिर्फ डिप लेने के लिए। इन सब के विपरीत जाकर वे अपना कैपिटल कम कर लेते हैं।मार्केट बंद होने के बाद क्या ट्रेडर को दुःख होता है।
मार्केट बंद होने के बाद क्या ट्रेडर्स को दुख होता है?
यह लगभग सभी ट्रेडर्स के साथ होता है। क्योंकि जब मार्केट बंद हो जाता है और वे अपनी एंट्री को चार्ट पर देखते हैं, तो सोचते हैं कि “यार यह एंट्री तो गलत थी, अगर एंट्री यहाँ नहीं बल्कि वहाँ बनती तो मेरा SL हिट नहीं होता और मुझे लॉस की जगह प्रॉफिट होता।” इसी कारण उन्हें दुख होता है और वे अपनी गलत एंट्री को कोसते रहते हैं। यह सिर्फ एक के साथ नहीं, बल्कि सभी के साथ होता है।
डिप (Dip) की पहचान कैसे करें?
डिप की पहचान सिंपल है, लेकिन उससे पहले हमें मार्केट के डायरेक्शन को आइडेंटिफाई (Identify) करना पड़ता है कि मार्केट इंट्राडे के लिए बुलिश होगा या बेरिश। उसके बाद हम देखते हैं कि मार्केट में अब हमको डिप देखना है या टॉप, और फिर हम अपनी एंट्री प्लान करते हैं।
Monday Market Setup: 20 July के लिए निफ्टी के बेस्ट लेवल्स और ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
अब हम 20 जुलाई के मार्केट के बारे में एनालिसिस करेंगे। पहले आप सभी नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से इसे समझें, उसके बाद हम इसे समझाने का प्रयास करेंगे।

आप सभी ने ऊपर चार्ट देख लिया होगा और समझ गए होंगे कि 20 जुलाई को मार्केट किस तरह मूवमेंट कर सकता है। अगर नहीं समझे, तो हम नीचे कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर लेते हैं। मार्केट एक हाई बनाकर बंद हुआ है, जो 20 जुलाई के लिए महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बन गया है। मार्केट अभी बुलिश है; अगर मार्केट 17 जुलाई के हाई के ऊपर ओपन होकर ऊपर जाता है, तो यह ट्रेंड कंटिन्यू (जारी) कर सकता है। वहीं, अगर मार्केट रेजिस्टेंस को सम्मान देकर नीचे आता है, तो वह इंट्राडे के लिए अपने ट्रेंड को बदल सकता है। बाकी, आप अपने सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स के आधार पर मार्केट को आइडेंटिफाई कर सकते हैं।
यह जानकारी केवल एजुकेशनल (शैक्षिक) उद्देश्यों के लिए बनाई गई है। हमने इसमें न तो आपको कोई टिप्स दी है और न ही यह बताया है कि आप यहाँ एंट्री प्लान करें। हम केवल वही जानकारी साझा कर रहे हैं जो हमने अपने अनुभवों से सीखी है। हमारा एकमात्र लक्ष्य है कि हर कोई एक प्रो-ट्रेडर बने और इसी के लिए हम दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अगर आपको किसी तरह की कोई शिकायत या सुझाव हो, तो हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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(Disclaimer)
हम न तो SEBI रजिस्टर्ड हैं और न ही कोई वित्तीय सलाहकार। किसी भी तरह की एंट्री बनाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें, क्योंकि शेयर बाजार में जोखिम है और लॉस होने की संभावना अधिक होती है। यदि आपको किसी भी प्रकार का नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी। इसलिए, कुछ भी करने से पहले सोच-समझकर और अपने सलाहकार की मदद लेकर ही निर्णय लें।