Bank Nifty Intraday Price Action Today
Bank Nifty Intraday Price Action Today
हेलो ट्रेडर्स! अगर आप सभी एक एक्टिव ट्रेडर (Active Trader) हैं, तो आज की यह पोस्ट आप सभी के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट (Important) हो सकती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज 29 जुलाई है और बैंक निफ्टी मार्केट बंद हो चुका है। अब हम इसका पोस्ट-मार्केट एनालिसिस (Post-Market Analysis) करेंगे कि कैसे इसने आज अपना परफॉर्मेंस किया और कैसे पूरे दिन की चाल चली।
हम इस पोस्ट के अंदर प्राइस एक्शन (Price Action) को डीपली (Deeply) तरीके से समझने की कोशिश करेंगे। नीचे हमने बैंक निफ्टी के चार्ट की इमेज दे रखी है, जिसमें हमने एक दिन पहले ही सारे लेवल्स मार्क कर दिए थे। अब उन सभी लेवल्स को हम इस पोस्ट में विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे कि लेवल्स लगाने के पीछे हमारा क्या लॉजिक था।
इसके साथ ही हम यह भी समझेंगे कि कैसे हम प्राइस एक्शन, मार्केट स्ट्रक्चर, बायर (Buyers) और सेलर (Sellers) के बिहेवियर को देखते हैं—यानी किसमें ज्यादा जोर है और कौन मार्केट को कहां तक लेकर जा सकता है। इसी एनालिसिस के बेस पर हम इंट्राडे (Intraday) के लिए परफेक्ट लेवल्स निकालते हैं। नीचे दिया गया चार्ट ट्रेडिंगव्यू (TradingView) से लिया गया है।

सुबह-सुबह मार्केट ओपन होते ही कई ट्रेडर्स के दिल में भगदड़ मच जाती है। जैसे ही 9:15 की घंटी बजी, सभी ट्रेडर्स बिना सोचे-समझे मार्केट में कूद पड़ते हैं। नतीजा यह होता है कि 95% ट्रेडर्स सुबह 9:30 बजे से पहले ही अपना बड़ा लॉस (Loss) करवा कर स्क्रीन बंद कर देते हैं। और ऐसा सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि रोज़ चलता रहता है। रोज़ मार्केट की घंटी बजती है, नए ट्रेडर्स आते हैं—कोई लॉस लेता है तो कोई प्रॉफिट, लेकिन एंट्री (Entry) लेने के पीछे और मार्केट के बिहेवियर को समझने का किसी के पास कोई ठोस लॉजिक नहीं होता।
मार्केट में सबसे ज्यादा ट्रेडर्स या तो निफ्टी (Nifty) में ट्रेड करते हैं या फिर बैंक निफ्टी (Bank Nifty) में। इनमें से लगभग 90% ट्रेडर्स ऑप्शन बाइंग (Option Buying) करते हैं, जो कि सबसे ज्यादा रिस्की (Risky) होती है। हालांकि, इसी मार्केट में कई ट्रेडर्स ऐसे भी होते हैं जो स्कल्पिंग (Scalping) करते हैं और कुछ ही मिनटों में अपना लॉस या प्रॉफिट लेकर बाहर निकल जाते हैं। लेकिन जो असली ‘स्मार्ट ट्रेडर्स’ होते हैं, वे हमेशा अपने रूल्स के हिसाब से ट्रेड करते हैं। वे सही मोमेंटम को पकड़ते हैं, कुछ ही मिनटों में अच्छा प्रॉफिट बुक करते हैं और अपनी ट्रेडिंग डेस्क को बंद कर देते हैं।
मेरा ऐसा बिल्कुल मानना नहीं है कि ऑप्शन बाइंग गलत है, लेकिन हां, रिस्की होने के कारण इसमें ट्रेड लेने के लिए आपके पास एक ऐसा सेटअप (Trading Setup) होना बेहद जरूरी है जो आपको सही कंफर्मेशन (Confirmation) दे। इसके साथ ही, उस सेटअप की बैकटेस्टिंग (Backtesting) कई सालों पुरानी होनी चाहिए। जब आपके पास ऐसा एक्सपीरियंस होगा, तभी आप ऑप्शन बाइंग से भी कंसिस्टेंट और अच्छा रिटर्न निकाल सकते हैं।
बिना साइकोलॉजी और सेटअप के ट्रेड करना, खुद को धोखा देने के बराबर है!
ट्रेडिंग की दुनिया का सबसे बड़ा सच यह है कि यहाँ लॉस (Loss) पूरी तरह से तय है, लेकिन प्रॉफिट (Profit) कभी भी तय नहीं होता। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहाँ बिना सोचे-समझे कभी भी कोई ट्रेड नहीं लिया जाता। मार्केट में हमेशा एक प्रॉपर साइकोलॉजी, एक परफेक्ट ट्रेडिंग सेटअप और कड़े डिसिप्लिन (Discipline) के साथ ही एंट्री प्लान की जाती है। और जो ट्रेडर इन सभी नियमों को आंख बंद करके फॉलो करता है, वही आगे चलकर ट्रेडिंग का ‘मास्टरमाइंड’ बनता है। इसके विपरीत, जो इन रूल्स को फॉलो नहीं करता, उसके लिए यह मार्केट सिर्फ एक जुए (Gambling) के बराबर है, क्योंकि ऐसा इंसान तुक्के में एक दिन प्रॉफिट ले सकता है, लेकिन रोज़ नहीं।
इसलिए, हमेशा अपना एक फिक्स सेटअप तैयार करें जो आपको साफ़-साफ़ बताए कि कहाँ आपको एंट्री प्लान करनी है और कहाँ मार्केट को सिर्फ दूर से देखना है। हमेशा खुद से पूछें—क्या अभी मेरा सेटअप बन रहा है? अगर हाँ, तो तुरंत एंट्री प्लान करो, वरना आराम से बैठकर सिर्फ वेट (Wait) करो। ट्रेडिंग में डिसिप्लिन सबसे ज्यादा जरूरी चीज़ है; अगर आपके अंदर अनुशासन नहीं है, तो आप चाहकर भी कभी एक सफल ट्रेडर नहीं बन सकते।
इसके साथ ही, आपका साइकोलॉजी का पार्ट बहुत मजबूत रहना चाहिए। आपकी सोचने और समझने की क्षमता ऐसी होनी चाहिए कि जैसा कोई आम रिटेलर न सोच सके। जब आप अपनी इस यूनिक और अनुशासित सोच के हिसाब से मार्केट में काम करेंगे, तभी आप मार्केट के बड़े मूव्स को कैप्चर कर पाएंगे।
आज के मार्केट का व्यू कैसा था? (Bank Nifty Structure Breakdown)
ऊपर दिए गए चार्ट को आपने देख ही लिया होगा कि कहाँ पर हमने सपोर्ट (Support) लेवल लगा रखा है और कहाँ हमने रेजिस्टेंस (Resistance) लेवल मार्क किया है। उन सभी लेवल्स को मार्केट ने आज कितने प्यार से फॉलो किया है! अगर हम आज के मार्केट स्ट्रक्चर (Market Structure) की बात करें, तो आज मार्केट गैप-अप (Gap-up) ओपन हुआ और कल के प्रीवियस स्विंग (Previous Swing) का सपोर्ट लेकर उसने अपनी एकतरफा चाल पकड़ ली। सबसे ख़ास बात यह रही कि आज एक बार भी मार्केट ने 15-मिनट के टाइम फ्रेम पर अपना बुलिश स्ट्रक्चर ब्रेक नहीं किया। यहाँ जो प्रो-ट्रेडर्स (Pro Traders) होते हैं, वे हर गिरावट पर यानी एक ‘डिप’ (Dip) देखकर बाय करते हैं, न कि हर जगह जबरदस्ती सेल करने की कोशिश करते हैं।
बायर्स और सेलर्स: आज किसमें था ज्यादा जोर?
मार्केट में जो एक दिन पहले क्लोजिंग आई थी, उसमें साफ़ तौर पर बायर्स (Buyers) का जोर दिख रहा था, क्योंकि वह पहले से ही एक मजबूत सपोर्ट लेवल था जिसे मार्केट ने ब्रेक नहीं किया था। ठीक वहीं से आज मार्केट में गैप-अप ओपनिंग हुई और सेंटिमेंट पूरी तरह से बुलिश हो गया।
अगर आज मार्केट ओपनिंग के साथ ही सीधा नीचे आने लगता, तो बायर्स के अंदर डर का माहौल बन जाता और पैनिक सेलिंग की वजह से पूरा मार्केट नीचे गिर सकता था। लेकिन इसके विपरीत, जब मार्केट गैप-अप ओपन होकर ऊपर सस्टेन करने लगा, तो सेलर्स ने डर के मारे अपनी शॉर्ट पोजीशंस (Short Positions) को काटना शुरू कर दिया (Short Covering), जिससे मार्केट को और ज्यादा बूस्ट मिला और बुल्स ने मार्केट पर पूरी तरह से अपना कब्जा बनाए रखा।
इस पोस्ट को अब हम यहीं समाप्त करने जा रहे हैं। अगर आप सभी को इस पोस्ट से संबंधित किसी भी तरह का कोई सवाल या शिकायत हो, तो हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स (Comment Box) में ज़रूर बताएं। हम आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं और आपके हर कमेंट का जवाब ज़रूर देंगे। शेयर मार्केट से जुड़ी ऐसी ही और भी इंफॉर्मेटिव पोस्ट के लिए हमारी इस वेबसाइट zynivetrade.com को रोज़ाना विज़िट करना न भूलें।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह पोस्ट केवल एजुकेशनल पर्पस (Educational Purpose) के लिए बनाई गई है। हम यहाँ न तो कोई कॉल प्रोवाइड कराते हैं और न ही किसी तरह की कोई ट्रेडिंग टिप्स देते हैं। हम इस ब्लॉग पर केवल वही जानकारी आपके साथ शेयर करते हैं, जो हमने अपने पिछले 10 सालों के ट्रेडिंग एक्सपीरियंस से सीखी है। हम आपको साफ़ तौर पर बता दें कि हम कोई सेबी रजिस्टर्ड (SEBI Registered) एनालिस्ट या वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। इसलिए, मार्केट में किसी भी तरह की एंट्री प्लान करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर (Financial Advisor) से सलाह ज़रूर लें, क्योंकि स्टॉक मार्केट में रिस्क और लॉस होने के चांस बहुत ज्यादा होते हैं। किसी भी प्रकार के प्रॉफिट या लॉस की ज़िम्मेदारी zynivetrade.com की नहीं होगी। अपनी समझ और रिस्क पर ही ट्रेड करें। धन्यवाद!